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Hanuman Garhi Temple, Ayodhya

राम मंदिर दर्शन का समय और आरती पास: अयोध्या गाइड

संक्षेप में: अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन मुफ़्त हैं। न्यास की मौजूदा समय-सारणी में दर्शन लगभग सुबह 7 से रात 9 बजे तक है, दोपहर के आसपास विराम के साथ, और आरतियाँ लगभग सुबह 4 बजे (मंगला), सुबह 6 बजे (श्रृंगार) और रात 10 बजे (शयन) होती हैं; समय मौसम के साथ बदलता है। आरती पास और सुगम दर्शन पास भी मुफ़्त हैं और सिर्फ़ online.srjbtkshetra.org पर बुक होते हैं। फ़ोन और बैग अंदर ले जाना मना है।

2027 यात्रा सीज़न के लिए अपडेट (तथ्य अक्टूबर 2026 में जाँचे गए)

English में पढ़ें

22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से श्री राम जन्मभूमि मंदिर भारत के सबसे ज़्यादा दर्शन किए जाने वाले मंदिरों में से एक बन गया है। मंदिर का प्रबंधन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास करता है, और न्यास का हर पास मुफ़्त है। परिवारों की ज़्यादातर उलझन पुराने समय, पैसे वाले “VIP पास” के प्रस्तावों, और यह न जानने से होती है कि लॉकर और सुरक्षा जाँच में कितना समय लगता है। यह गाइड न्यास की प्रकाशित जानकारी और परिवारों को अयोध्या ले जाने के हमारे अनुभव को एक साथ रखती है।

राम मंदिर दर्शन का समय क्या है?

न्यास की वेबसाइट पर नीचे दी गई समय-सारणी है, जिसके बारे में उसने कहा कि 18 अप्रैल 2026 से बुकिंग रसीदों में यही दिखेगी। न्यास सर्दी-गर्मी और त्योहारों पर समय बदलता है; नवंबर 2026 के लिए संशोधित समय-सारणी की ख़बर आई थी। हमेशा अपने पास पर छपा समय देखें।

समय (न्यास के अनुसार)क्या होता है
सुबह 4:00मंगला आरती
सुबह 6:00श्रृंगार आरती
सुबह 7:00 से दोपहर 12:00दर्शन स्लॉट (7 से 9, 9 से 11, 11 से 12)
दोपहर 12:00 से 1:00भोग के लिए विराम (दर्शन नहीं)
दोपहर 1:00 से रात 9:00दर्शन स्लॉट (1 से 3, 3 से 5, 5 से 7, 7 से 9)
रात 10:00शयन आरती

पिछले वर्षों में सर्दियों में न्यास ने देर से खोला और शाम को प्रवेश जल्दी बंद किया है, इसलिए नवंबर से फ़रवरी के बीच देर से जाने की योजना हो तो समय का अंतर रखें।

क्या राम मंदिर के आरती पास और सुगम दर्शन पैसे से मिलते हैं?

नहीं। न्यास साफ़ कहता है कि वह आरती और दर्शन पास के लिए कोई शुल्क नहीं लेता। अक्टूबर 2026 में उसने फिर श्रद्धालुओं को चेताया कि पास के लिए किसी को पैसे न दें। अगर कोई वेबसाइट, होटल या व्यक्ति “VIP दर्शन” या “आरती पास” के पैसे माँगे, तो समझ लें कि आप न्यास से बात नहीं कर रहे।

तीन तरह के पास हैं, सब एक ही आधिकारिक पोर्टल पर:

  • सुगम दर्शन पास: एक समयबद्ध स्लॉट, जिससे रामलला के सामान्य दर्शन में आसान प्रवेश मिलता है।
  • आरती पास: मंगला, श्रृंगार या शयन आरती में शामिल होने के लिए सीमित संख्या में मुफ़्त पास।
  • राम दरबार पास: पहली मंज़िल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा जून 2025 में हुई, और ख़बरों के अनुसार उसके लिए अलग मुफ़्त समय-स्लॉट पास इस्तेमाल होता है।

अक्टूबर 2026 में पास व्यवस्था में क्या बदला?

अक्टूबर 2026 में न्यास ने सुगम दर्शन में बड़े बदलाव की घोषणा की, जिसकी ख़बर Organiser और UNI ने दी:

  • ज़्यादा पास: 18 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन सुगम दर्शन पास 975 से बढ़कर 2,000 प्रतिदिन हो गए।
  • लंबी अवधि (लागू की जा रही है): पहले से बुकिंग की अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 90 दिन की जानी है।
  • चरणों में जारी: पास दर्शन तिथि से 90, 62, 30, 14, 7, 3 और 1 दिन पहले जारी किए जाने हैं, साथ में उसी दिन के तत्काल पास।
  • सत्यापन: स्वचालित बुकिंग रोकने के लिए पहले से किए आवेदनों की जाँच होनी है, जिसका नतीजा लगभग 24 से 48 घंटे में आएगा; तत्काल पास तुरंत पक्के होते हैं।

न्यास ने कहा कि चरणबद्ध व्यवस्था सॉफ़्टवेयर बदलाव और परीक्षण के बाद धीरे-धीरे लागू होगी। जब तक यह पूरी तरह लागू न हो, पुराने ढर्रे की उम्मीद रखें, जिसमें पास लगभग दो हफ़्ते पहले खुलते हैं और सप्ताहांत व त्योहारों के लिए जल्दी ख़त्म हो जाते हैं।

राम मंदिर पास ऑनलाइन कैसे बुक करें

  1. न्यास का बुकिंग पोर्टल online.srjbtkshetra.org खोलें। इसका लिंक आधिकारिक साइट srjbtkshetra.org पर है।
  2. अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें और OTP से सत्यापित करें।
  3. सुगम दर्शन, आरती या राम दरबार चुनें, फिर तिथि और स्लॉट।
  4. हर श्रद्धालु का नाम, उम्र और फ़ोटो पहचान पत्र का विवरण ठीक वैसा ही भरें जैसा पहचान पत्र पर है।
  5. सबमिट करें। कोई भुगतान नहीं माँगा जाता। नई व्यवस्था में पहले से किया अनुरोध सत्यापन तक लंबित दिख सकता है।
  6. पास डाउनलोड करके प्रिंट करें, और उस पर लिखे निर्देश पढ़ें, जिनमें गेट और रिपोर्टिंग समय बताया होता है।

राम मंदिर में क्या ले जा सकते हैं?

सुरक्षा हवाई अड्डे जैसी है। 2026 के लिए बताए गए नियम:

  • मना है: मोबाइल फ़ोन, स्मार्टवॉच, कैमरा, ईयरफ़ोन, पावर बैंक, बैग और बैकपैक, बेल्ट, खाना, पानी की बोतल, लाइटर और नुकीली चीज़ें।
  • लॉकर: परिसर के बाहर तीर्थयात्री सुविधा केंद्रों पर मुफ़्त लॉकर और जूता स्टैंड हैं। भीड़ वाले दिनों में सामान जमा करने और वापस लेने में हर बार 30 से 60 मिनट लग सकते हैं; सूटकेस नहीं लिए जाते।
  • साथ रखें: छपा हुआ पास, मूल फ़ोटो पहचान पत्र, और प्रसाद के लिए थोड़े नक़द।
  • वस्त्र: शालीन भारतीय कपड़े सबसे अच्छे; कंधे और घुटने ढके हों।

सबसे आसान यही है कि फ़ोन और बैग होटल में छोड़ दें और सिर्फ़ पहचान पत्र और पास लेकर मंदिर जाएँ।

रामलला दर्शन में कितना समय लगता है?

स्थितिपरिसर के अंदर आम तौर पर समयसुझाव
कार्य-दिवस, सुगम दर्शन पाससुरक्षा जाँच समेत लगभग 1 से 2 घंटेसुबह का स्लॉट चुनें
कार्य-दिवस, सामान्य लाइनलगभग 2 से 3 घंटेखुलने के समय पहुँचें
सप्ताहांत या लंबा सप्ताहांत3 घंटे या ज़्यादापास काफ़ी पहले बुक करें
राम नवमी, दिवाली का सप्ताह, 22 जनवरीबहुत लंबा; विशेष व्यवस्थाएँबुज़ुर्गों या बच्चों के साथ न जाएँ

ये हमारे अनुभव से योजना के लिए अनुमान हैं, आधिकारिक आँकड़े नहीं। पहले और बाद में लॉकर का समय भी जोड़ें।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए राम मंदिर दर्शन

बुज़ुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग लाइन और पार्किंग से प्रवेश तक बैटरी कार की ख़बर है, और सहायता केंद्रों पर व्हीलचेयर उपलब्ध होने की भी। परिवार का एक सदस्य साथ जा सकता है या नहीं, यह भीड़ के हिसाब से बदलता है, इसलिए यात्रा से पहले न्यास के सहायता केंद्र से पक्का कर लें। कार्य-दिवस की सुबह का सुगम दर्शन पास सबसे आरामदायक विकल्प है। काफ़ी हिस्सा पैदल है, इसलिए दवाइयाँ साथ रखें और बीच में आराम की योजना रखें।

रामलला दर्शन के दिन की आसान योजना

  1. पिछली शाम: पास प्रिंट करें, उस पर गेट और रिपोर्टिंग समय देखें, और मूल पहचान पत्र साथ रखें। जो साथ ले जाना है उसमें कुछ भी चार्ज करने लायक़ न हो, क्योंकि फ़ोन बाहर ही रहेगा।
  2. सुबह जल्दी: स्थानीय परंपरा के अनुसार पहले हनुमानगढ़ी के दर्शन करें, फिर पैदल या ई-रिक्शा से मंदिर की ओर जाएँ।
  3. स्लॉट से पहले: सुविधा केंद्र पर जूते और सामान जमा करें; भीड़ वाले दिनों में इसके लिए एक घंटे तक रखें।
  4. दर्शन: लाइन के साथ सुरक्षा जाँच और मंदिर से होकर चलें; रामलला के सामने का क्षण छोटा होता है, इसलिए शांति से प्रार्थना करें।
  5. दर्शन के बाद: सामान वापस लें, आराम करें, और पास के कनक भवन और दशरथ महल जाएँ।
  6. शाम: घाटों पर सरयू आरती।

राम मंदिर, अयोध्या कैसे पहुँचें

  • अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन: मंदिर से लगभग 1.3 किमी।
  • महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या: लगभग 10 किमी, टैक्सी से लगभग 25 से 35 मिनट।
  • सड़क मार्ग: लखनऊ से लगभग 135 किमी और वाराणसी से लगभग 200 किमी, इसीलिए बहुत से परिवार अयोध्या को काशी और प्रयागराज के साथ जोड़ते हैं।
  • आख़िरी हिस्सा: निजी गाड़ियाँ तय पार्किंग पर रुकती हैं; बाक़ी रास्ता ई-रिक्शा या पैदल।

अयोध्या में और क्या देखें

पूरी अयोध्या यात्रा में हनुमानगढ़ी (परंपरा कहती है कि पहले उनके दर्शन करें), कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वरनाथ मंदिर, और राम की पैड़ी के घाटों पर शाम की सरयू आरती शामिल है। नंदीग्राम, जहाँ भरत जी ने श्रीराम की पादुका रखकर राज किया, लगभग 20 किमी दूर है। दो रातों में यह सब बिना हड़बड़ी के हो जाता है।

राम मंदिर दर्शन का सबसे अच्छा समय कब है?

अक्टूबर से मार्च मौसम सबसे सुहावना रहता है; दिसंबर और जनवरी की सुबह कोहरे और ठंड वाली हो सकती है। सबसे ज़्यादा भीड़ राम नवमी (पंचांग के अनुसार 15 अप्रैल 2027), दिवाली सप्ताह के दीपोत्सव, जनवरी में प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगाँठ, नए साल और लंबे सप्ताहांत पर होती है। नवंबर, फ़रवरी और मार्च की शुरुआत में कार्य-दिवस की सुबह अच्छा संतुलन देती है। हमारा यात्रा कैलेंडर 2027 देखें।

हम क्या व्यवस्था करते हैं

हमारी अयोध्या राम मंदिर दर्शन यात्रा (अयोध्या से 2 रात, 3 दिन) में गाइड की सहायता के साथ रामलला दर्शन, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू आरती शामिल हैं; हम न्यास के पोर्टल पर आपके अपने नाम से मुफ़्त पास के आवेदन में मदद करते हैं। काशी विश्वनाथ और संगम जोड़ने के लिए काशी, प्रयागराज और अयोध्या यात्रा (4 रात, 5 दिन) या काशी और अयोध्या यात्रा देखें। आप हमारी रामायण सर्किट और काशी और अयोध्या यात्राएँ भी देख सकते हैं, और हमारी काशी विश्वनाथ दर्शन गाइड पढ़ सकते हैं। तिथियाँ तय करने के लिए इस पेज पर दिया एन्क्वायरी फ़ॉर्म भरें या हमें कॉल/WhatsApp करें (नंबर हमारे संपर्क पेज पर हैं)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या राम मंदिर में कोई VIP या सशुल्क दर्शन है?

नहीं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास कहता है कि वह किसी दर्शन या आरती पास का शुल्क नहीं लेता, और अक्टूबर 2026 में उसने फिर श्रद्धालुओं को चेताया कि पास के लिए किसी को पैसे न दें। सुगम दर्शन, आरती और राम दरबार पास सब online.srjbtkshetra.org पर मुफ़्त हैं। “VIP पास” बेचने वाला कोई भी न्यास द्वारा अधिकृत नहीं है।

राम मंदिर पास कितने दिन पहले बुक कर सकते हैं?

पास आम तौर पर लगभग 15 दिन पहले खुलते रहे हैं। अक्टूबर 2026 में न्यास ने 90 दिन की अवधि की घोषणा की, जिसमें तिथि से 90, 62, 30, 14, 7, 3 और 1 दिन पहले चरणों में पास जारी होंगे, साथ में उसी दिन के तत्काल पास; इसे धीरे-धीरे लागू किया जाना है। बुकिंग के समय पोर्टल पर देखें कि कौन-सी अवधि लागू है।

क्या बिना पास के राम मंदिर जा सकते हैं?

हाँ। दर्शन के समय में रामलला के सामान्य दर्शन बिना किसी पास के सबके लिए खुले हैं। पास से सिर्फ़ समयबद्ध, आसान प्रवेश या आरती में जगह मिलती है। बिना पास के, कार्य-दिवस पर जल्दी जाएँ और लाइन, लॉकर और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त समय रखें।

क्या राम मंदिर में मोबाइल ले जा सकते हैं?

नहीं। फ़ोन, स्मार्टवॉच, कैमरा, बैग और ऐसी चीज़ें बाहर छोड़नी होती हैं। तीर्थयात्री सुविधा केंद्रों पर मुफ़्त लॉकर हैं, पर भीड़ वाले दिनों में जमा करने और वापस लेने में हर बार 30 से 60 मिनट लग सकते हैं। हो सके तो इन्हें होटल में छोड़ें और सिर्फ़ पहचान पत्र और छपा पास साथ रखें।

राम मंदिर में आरती का समय क्या है?

न्यास की मौजूदा सूची में मंगला आरती सुबह 4 बजे, श्रृंगार आरती सुबह 6 बजे और शयन आरती रात 10 बजे है, और दर्शन लगभग सुबह 7 से रात 9 बजे तक, दोपहर के आसपास भोग के लिए विराम के साथ। न्यास मौसम और त्योहारों के अनुसार समय बदलता है, इसलिए अपने पास पर छपा समय पक्का कर लें।

पहली मंज़िल पर राम दरबार के दर्शन कैसे करें?

पहली मंज़िल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा जून 2025 में हुई। ख़बरों के अनुसार इसके लिए उसी आधिकारिक पोर्टल पर बुक होने वाला अलग मुफ़्त समय-स्लॉट पास लगता है। स्लॉट सीमित हैं, इसलिए रामलला दर्शन के साथ ही बुक करें और पास पर गेट व रिपोर्टिंग समय देख लें।

अयोध्या के लिए कितने दिन काफ़ी हैं?

दो रातें आरामदायक हैं। एक पूरे दिन में लॉकर और सुरक्षा समय समेत रामलला दर्शन, हनुमानगढ़ी और कनक भवन हो जाते हैं; दूसरे दिन सरयू स्नान, दशरथ महल, छोटे मंदिर और शाम की आरती। आधा दिन और हो तो नंदीग्राम जोड़ लें।

क्या अयोध्या को वाराणसी के साथ जोड़ना आसान है?

हाँ। अयोध्या वाराणसी से सड़क मार्ग से लगभग 200 किमी है, और प्रयागराज इसी सर्किट पर है, इसलिए बहुत से परिवार चार या पाँच दिन में काशी, संगम और अयोध्या कर लेते हैं। ट्रेनें और उड़ानें भी अयोध्या को सीधे दिल्ली और लखनऊ से जोड़ती हैं।

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