संक्षेप में: वाराणसी का श्री काशी विश्वनाथ मंदिर लगभग सुबह 3 बजे खुलता है और रात 11 बजे बंद होता है। सामान्य दर्शन मुफ़्त है और तीन समय-खंडों में होता है: लगभग सुबह 4 से 11, दोपहर 12:20 से शाम 7, और रात 8:30 से 9 बजे। सुगम दर्शन, जो मंदिर न्यास की वेबसाइट या ऐप पर बुक होता है, ₹300 प्रति व्यक्ति है और लाइन से बचाता है। मंगला आरती (सुबह 3 से 4) के लिए पहले से टिकट बुक करना पड़ता है। मोबाइल, कैमरा, यहाँ तक कि पेन भी अंदर ले जाना मना है।
2027 यात्रा सीज़न के लिए अपडेट (तथ्य अक्टूबर 2026 में जाँचे गए)
काशी विश्वनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक और वाराणसी का हृदय है। ज़्यादातर परिवारों के लिए शिवलिंग के सामने का दर्शन कुछ ही क्षणों का होता है। सुबह शांत बीतेगी या थकाने वाली, यह उसके आसपास की योजना तय करती है: कौन-सा समय चुनें, सुगम दर्शन या आरती बुक करें या नहीं, किस गेट से जाएँ, और होटल में क्या छोड़कर निकलें। यह गाइड इन सब बातों को वैसे ही समझाती है जैसे हम काशी ले जाने वाले यात्रियों को समझाते हैं।
नीचे दिए सभी समय और शुल्क श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अपने प्रकाशित FAQ और बुकिंग साइट से लिए गए हैं। न्यास त्योहारों पर नियम बदलता है, इसलिए यात्रा से पहले वाले हफ़्ते में shrikashivishwanath.org ज़रूर देखें।
काशी विश्वनाथ दर्शन का समय क्या है?
मंदिर न्यास ने यह समय-सारणी दी है। हर आरती के दौरान दर्शन रुक जाता है, इसीलिए दिन में बीच-बीच में अंतराल आते हैं।
| समय | क्या होता है | टिकट चाहिए? |
|---|---|---|
| रात 2:30 | मंगला आरती के लिए रिपोर्टिंग (सिर्फ़ गेट नं. 1) | हाँ, मंगला आरती टिकट |
| सुबह 3:00 से 4:00 | मंगला आरती | हाँ |
| सुबह 4:00 से 11:00 | सामान्य दर्शन, पहला खंड | नहीं (मुफ़्त); सुगम दर्शन वैकल्पिक |
| सुबह 11:15 से दोपहर 12:20 | मध्याह्न भोग आरती | हाँ, अंदर शामिल होने के लिए |
| दोपहर 12:20 से शाम 7:00 | सामान्य दर्शन, दूसरा खंड | नहीं (मुफ़्त); सुगम दर्शन वैकल्पिक |
| शाम 7:00 से 8:15 | सप्तर्षि आरती | हाँ, अंदर शामिल होने के लिए |
| रात 8:30 से 9:00 | सामान्य दर्शन, छोटा तीसरा खंड | नहीं |
| रात 9:00 से 10:15 | श्रृंगार (रात्रि) आरती | हाँ, अंदर शामिल होने के लिए |
| लगभग रात 11:00 | शयन आरती और मंदिर बंद | उसी दिन पता करें |
सामान्य कार्य-दिवस पर सबसे कम भीड़ आम तौर पर सुबह 4 बजे के बाद के पहले घंटे में और दोपहर की शुरुआत में होती है। सोमवार, पूरा सावन, महाशिवरात्रि, नया साल और लंबे सप्ताहांत साल के सबसे भीड़ वाले दिन होते हैं।
सुगम दर्शन क्या है और इसका शुल्क कितना है?
सुगम दर्शन मंदिर न्यास का अपना सशुल्क, समयबद्ध दर्शन है। न्यास के FAQ में इसका शुल्क ₹300 प्रति व्यक्ति दिया गया है। मंदिर के एक शास्त्री जी आपको सामान्य लाइन में खड़े हुए बिना गर्भगृह के पास ले जाते हैं, और टिकट में प्रसाद का डिब्बा, मुफ़्त लॉकर का उपयोग और शास्त्री जी की दक्षिणा शामिल है। कुछ ट्रैवल वेबसाइटें अलग राशि बताती हैं, इसलिए आधिकारिक बुकिंग पेज पर दिखी राशि को ही सही मानें।
यह इनके लिए बुक करना ठीक रहता है:
- वरिष्ठ नागरिक और जो लंबे समय तक लाइन में खड़े नहीं रह सकते
- छोटे बच्चों वाले परिवार
- जिनकी उसी दिन ट्रेन या उड़ान है
- जिन दिनों भीड़ पक्की है, जैसे सोमवार
न्यास के बुकिंग पेजों के हवाले से बताया गया है कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों को टिकट नहीं चाहिए और एक लॉग-इन से 10 टिकट तक बुक हो सकते हैं। अपने स्लॉट से कम से कम 15 मिनट पहले, बुकिंग में इस्तेमाल किए गए उसी मूल फ़ोटो पहचान पत्र के साथ पहुँचें।
सुगम दर्शन या आरती ऑनलाइन कैसे बुक करें
- आधिकारिक साइट shrikashivishwanath.org या न्यास का आधिकारिक ऐप खोलें। सर्च विज्ञापनों या मिलते-जुलते WhatsApp लिंक से बुक न करें।
- अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करके लॉग-इन करें।
- सुगम दर्शन, अपनी पसंद की आरती या रुद्राभिषेक चुनें, फिर तिथि और स्लॉट।
- हर व्यक्ति का नाम, उम्र और फ़ोटो पहचान पत्र का विवरण ठीक वैसा ही भरें जैसा पहचान पत्र पर है।
- ऑनलाइन भुगतान करके रसीद डाउनलोड करें। काग़ज़ पर भी रखें, क्योंकि फ़ोन लॉकर में रहेगा।
- उस दिन टिकट पर लिखे गेट पर रिपोर्ट करें। मंगला आरती के लिए यह गेट नं. 1 है, रात 2:30 बजे।
भुगतान से पहले नियम पढ़ लें। न्यास के FAQ के अनुसार बुक की गई आरती रद्द नहीं होती, पूजा की तिथि नहीं बदलती, और राशि दान मानी जाती है, इसलिए रिफ़ंड नहीं होता। सिर्फ़ असफल भुगतान लगभग सात कार्य-दिवस में वापस होते हैं। बहुत भीड़ वाले दिनों में न्यास बुकिंग पूरी तरह रोक भी देता है। महाशिवरात्रि 2026 के लिए उसने घोषणा की थी कि 15 और 16 फ़रवरी को कोई ऑनलाइन दर्शन या पूजा बुकिंग नहीं होगी, और उन तिथियों के पहले से जारी टिकट रद्द माने गए।
कौन-सी आरती में शामिल हों?
काशी विश्वनाथ में दिन में पाँच आरतियाँ होती हैं। ज़्यादातर परिवारों के लिए चुनाव दो के बीच होता है।
| आरती | समय | किसके लिए अच्छी | ध्यान रखें |
|---|---|---|---|
| मंगला आरती | सुबह 3 से 4 | जो दिन की पहली पूजा देखना चाहते हैं | रात 2:30 बजे गेट 1 पर रिपोर्ट; सावन और सोमवार को टिकट जल्दी ख़त्म होते हैं। शुल्क लगभग ₹500 बताया गया है; बुकिंग पेज पर पक्का कर लें। |
| भोग आरती | सुबह 11:15 से दोपहर 12:20 | जो भोर से पहले नहीं उठ सकते | इस घंटे सामान्य लाइन का दर्शन रुका रहता है |
| सप्तर्षि आरती | शाम 7 से 8:15 | सात पुजारियों द्वारा की जाने वाली पारंपरिक संध्या आरती | घाटों की गंगा आरती के समय ही होती है, इसलिए एक चुनें |
| श्रृंगार आरती | रात 9 से 10:15 | बाबा विश्वनाथ के श्रृंगार रूप के दर्शन | देर से समाप्त होती है; होटल लौटने की योजना बना लें |
| शयन आरती | लगभग रात 10:30 से 11 | मंदिर बंद होने से पहले की अंतिम आरती | समय न्यास की साइट पर दिया होता है |
अगर वाराणसी में आपके पास सिर्फ़ एक शाम है, तो बहुत से परिवार शाम को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती और अगली सुबह जल्दी काशी विश्वनाथ दर्शन करना पसंद करते हैं, बजाय दोनों को एक ही शाम में ठूँसने के।
काशी विश्वनाथ मंदिर में क्या ले जाना मना है?
न्यास का FAQ सख़्त है: परिसर में कोई भी इलेक्ट्रॉनिक या गैर-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पेन तक, ले जाना मना है। व्यवहार में इसका मतलब है:
- मोबाइल फ़ोन, स्मार्टवॉच, कैमरा, ईयरफ़ोन और पावर बैंक
- पेन, लाइटर और कोई भी नुकीली चीज़
- बड़े बैग; फूल और प्रसाद के लिए सिर्फ़ छोटा कपड़े का थैला रखें
- चमड़े की बेल्ट और पर्स छोड़कर जाना बेहतर है
प्रवेश द्वारों के पास मुफ़्त लॉकर हैं, पर लॉकर की लाइनें लंबी हो सकती हैं। सबसे आसान यही है कि पहचान पत्र, टिकट का प्रिंट और थोड़े नक़द के अलावा सब होटल में छोड़ दें। जूते-चप्पल बाहर जूता स्टैंड पर रखे जाते हैं।
सामान्य दर्शन के लिए कोई औपचारिक ड्रेस कोड नहीं है, पर शालीन भारतीय वस्त्रों की अपेक्षा रहती है। बताया गया है कि शिवलिंग को स्पर्श करने (स्पर्श दर्शन) और गर्भगृह में अनुष्ठान के लिए पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी जैसे पारंपरिक बिना सिले वस्त्र चाहिए, और सावन में स्पर्श दर्शन की अनुमति नहीं होती।
काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुँचें
मंदिर पुराने शहर में दशाश्वमेध और मणिकर्णिका घाट के बीच, श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के अंदर है, जो अब मंदिर को गंगा से जोड़ता है।
- वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से: लगभग 6 किमी।
- लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा, बाबतपुर से: लगभग 26 किमी, टैक्सी से आम तौर पर 45 से 60 मिनट।
- आख़िरी हिस्सा: कार और ऑटो गोदौलिया या मैदागिन चौराहे के आसपास रुक जाते हैं। वहाँ से गलियों में 10 से 15 मिनट पैदल। ई-रिक्शा कुछ दूर तक जाते हैं।
- नदी की ओर से: नाव से कॉरिडोर के घाट वाले प्रवेश (गेट नं. 1) तक आ सकते हैं, जो घाटों के पास ठहरे बुज़ुर्ग यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प है।
अगर समूह में कोई धीरे चलता है, तो गोदौलिया, दशाश्वमेध या घाटों के पास ठहरें। सहायता केंद्र गेट नं. 4 के पास है।
काशी दर्शन के एक दिन की आसान योजना
- पिछली रात: आधिकारिक साइट पर सुगम दर्शन या मंगला आरती बुक करें, टिकट प्रिंट करें, और सुबह फ़ोन होटल के लॉकर में छोड़ दें।
- सूर्योदय से पहले: मंगला आरती, या सुबह 4 बजे से सामान्य दर्शन, जब लाइन सबसे छोटी होती है।
- सूर्योदय: दशाश्वमेध से मणिकर्णिका की ओर और वापस, घाटों के किनारे नाव की सैर।
- सुबह: विश्वनाथ के बगल में अन्नपूर्णा मंदिर, फिर काशी के कोतवाल काल भैरव। बहुत से परिवार शक्तिपीठों में से एक, विशालाक्षी मंदिर भी जाते हैं।
- दोपहर: आराम, या संकट मोचन और दुर्गा कुंड; सारनाथ लगभग 10 किमी दूर है।
- शाम: दशाश्वमेध या अस्सी घाट पर गंगा आरती।
काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए साल का सबसे अच्छा समय कब है?
काशी में कोई बंद मौसम नहीं, बस भीड़ वाले और शांत दिन होते हैं। अक्टूबर से मार्च मौसम सबसे सुहावना रहता है। अप्रैल से जून बहुत गर्मी होती है, और सावन (जुलाई से अगस्त) साल का चरम है, जब सोमवार की लाइनें किलोमीटरों लंबी होती हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली घाटों की सबसे सुंदर शाम होती है; पंचांग के अनुसार 2027 में यह 13 नवंबर को है। 2027 में महाशिवरात्रि 6 मार्च को है, और न्यास आम तौर पर उसके आसपास बुकिंग और दर्शन की व्यवस्था बदलता है। दूसरी तिथियों के लिए हमारा यात्रा कैलेंडर 2027 पढ़ें।
हम क्या व्यवस्था करते हैं
जो परिवार बिना तनाव के काशी दर्शन चाहते हैं, उनके लिए हमारी काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा (वाराणसी से 2 रात, 3 दिन) में सुबह जल्दी दर्शन, आधिकारिक पोर्टल पर सुगम दर्शन बुक करने में मदद, सूर्योदय की नाव सैर, गंगा आरती और सारनाथ शामिल हैं। संगम और रामलला को जोड़ना हो तो काशी, प्रयागराज और अयोध्या यात्रा (4 रात, 5 दिन) देखें। जो यात्रा नहीं कर सकते, उनके लिए हमारे पुरोहित आपके नाम से काशी विश्वनाथ रुद्राभिषेक ऑनलाइन करते हैं, और हमारी ऑनलाइन पूजा गाइड बताती है कि संकल्प और प्रसाद कैसे होते हैं। हमारी सभी काशी और अयोध्या यात्राएँ देखें, या जानें कि 12 ज्योतिर्लिंगों में काशी का क्या स्थान है। तिथियाँ तय करने के लिए इस पेज पर दिया एन्क्वायरी फ़ॉर्म भरें या हमें कॉल/WhatsApp करें (नंबर हमारे संपर्क पेज पर हैं)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या काशी विश्वनाथ दर्शन मुफ़्त है?
हाँ। सामान्य लाइन में दर्शन सबके लिए मुफ़्त है। पैसा तभी लगता है जब आप सुगम दर्शन (मंदिर न्यास के अनुसार ₹300 प्रति व्यक्ति), अंदर आरती में शामिल होने का टिकट, या रुद्राभिषेक चुनें। इन्हें सिर्फ़ न्यास की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर बुक करें; इन माध्यमों के बाहर “VIP दर्शन” बेचने वाला मंदिर द्वारा अधिकृत नहीं है।
काशी विश्वनाथ दर्शन में कितना समय लगता है?
किसी शांत कार्य-दिवस की सुबह सामान्य लाइन में एक घंटे से कम लग सकता है। सोमवार, सावन या त्योहारों पर कई घंटे लग सकते हैं। सुगम दर्शन से ज़्यादातर परिवार सुरक्षा जाँच समेत 30 से 60 मिनट में दर्शन कर लेते हैं। लॉकर और गोदौलिया से पैदल रास्ते का समय भी जोड़ें, जो एक तरफ़ 10 से 15 मिनट है।
क्या काशी विश्वनाथ मंदिर में मोबाइल ले जा सकते हैं?
नहीं। मंदिर न्यास फ़ोन, कैमरा, स्मार्टवॉच या कोई भी उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं देता, और उसके FAQ में पेन तक लिखा है। गेटों के पास मुफ़्त लॉकर हैं, पर उनकी लाइनें लंबी हो सकती हैं, इसलिए फ़ोन होटल में छोड़ना आसान है। टिकट की छपी प्रति और बुकिंग में इस्तेमाल किया मूल पहचान पत्र साथ रखें।
मंगला आरती का रिपोर्टिंग समय और गेट क्या है?
मंदिर न्यास के FAQ के अनुसार मंगला आरती सुबह 3 से 4 बजे होती है, रिपोर्टिंग रात 2:30 बजे, और प्रवेश सिर्फ़ गेट नं. 1 से। टिकट आधिकारिक साइट या ऐप पर पहले से बुक करने होते हैं और न रद्द होते हैं, न उनकी तिथि बदलती है। सावन में और महाशिवरात्रि के आसपास, हो सके तो दो-तीन हफ़्ते पहले बुक करें।
क्या वरिष्ठ नागरिकों को काशी विश्वनाथ में आसान दर्शन मिल सकता है?
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे व्यावहारिक विकल्प सुगम दर्शन है, जिससे लंबी सामान्य लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता। कार्य-दिवस पर सुबह जल्दी या दोपहर की शुरुआत का स्लॉट चुनें, सोमवार और सावन से बचें, और होटल घाटों के पास हो तो नदी की ओर वाला प्रवेश लें। व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाले यात्री उस दिन से पहले न्यास से सहायता केंद्र की मौजूदा व्यवस्था पता कर लें।
क्या काशी विश्वनाथ आरती या सुगम दर्शन बुकिंग रद्द हो सकती है?
मंदिर न्यास के FAQ के अनुसार बुक की गई आरती रद्द नहीं हो सकती और पूजा की तिथि नहीं बदल सकती, और राशि दान मानी जाती है, इसलिए रिफ़ंड नहीं मिलता। सिर्फ़ असफल भुगतान सत्यापन के बाद लौटाए जाते हैं। अगर तिथियाँ पक्की नहीं हैं, तो दिन के क़रीब बुक करें या मुफ़्त सामान्य लाइन में शामिल हों।
क्या काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए कोई ड्रेस कोड है?
सामान्य दर्शन के लिए कोई औपचारिक ड्रेस कोड नहीं है, पर शालीन वस्त्रों की अपेक्षा रहती है। बताया गया है कि शिवलिंग को स्पर्श करने या गर्भगृह में अनुष्ठान के लिए पुरुषों को धोती और महिलाओं को साड़ी जैसे पारंपरिक बिना सिले वस्त्र ज़रूरी हैं। अंदर जाने से पहले बाहर स्टैंड पर जूते-चप्पल उतार दें।
काशी विश्वनाथ के पास और क्या देखें?
अन्नपूर्णा देवी मंदिर ठीक विश्वनाथ के बगल में है, और परंपरा कहती है कि काशी के रक्षक काल भैरव के दर्शन ज़रूर करें। विशालाक्षी मंदिर, संकट मोचन, दुर्गा कुंड, नाव से घाट और शाम की गंगा आरती काशी यात्रा को पूरा करते हैं। सारनाथ, जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था, लगभग 10 किमी दूर है।
