यात्रा टू टेम्पल्स देहरादून से काम करने वाला एक धार्मिक यात्रा आयोजक है, जो श्रद्धालु परिवारों के लिए चार धाम, केदारनाथ, बद्रीनाथ, पंच केदार, आदि कैलाश–ॐ पर्वत, कैलाश मानसरोवर और काशी की यात्राएँ व्यवस्थित करता है। उत्तराखंड के धामों की यात्रा कपाट खुलने के साथ अप्रैल–मई से शुरू होकर दीपावली के बाद अक्टूबर–नवंबर तक चलती है; 2027 की तिथियाँ घोषित होने पर हम यहाँ जोड़ देंगे। हर यात्रा कितने दिन की होगी, यह रूट और साधन (सड़क या हेलीकॉप्टर) पर निर्भर करता है, जिसकी जानकारी हर पैकेज में अलग से दी गई है।
हमारा काम सीधा है: आप दर्शन और संकल्प पर ध्यान दें, और रजिस्ट्रेशन, वाहन, ठहरने, भोजन और रास्ते की बाकी चिंताएँ हम सँभालें।
हम कौन हैं और देहरादून से ही क्यों
देहरादून गढ़वाल हिमालय का द्वार है। यहाँ से हरिद्वार और ऋषिकेश पास हैं, और यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ की ओर जाने वाले सड़क मार्ग यहीं से होकर निकलते हैं। पहाड़ के मौसम, सड़कों की हालत और सरकारी नियमों की ताज़ा जानकारी हमें रोज़ मिलती रहती है, इसलिए हम यात्रा को समय रहते बदल या सँभाल सकते हैं।
हम यात्रा को पर्यटन नहीं, साधना मानते हैं। इसलिए हमारी योजना में दर्शन का समय, स्नान-पूजा, आरती और विश्राम पहले आते हैं — गाड़ी की दौड़ बाद में।
हमारी प्रमुख धार्मिक यात्राएँ
- चार धाम यात्रा: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — परंपरा के क्रम में, हरिद्वार, देहरादून या दिल्ली से। हेलीकॉप्टर से यात्रा का विकल्प भी है।
- केदारनाथ यात्रा: बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे ऊँचाई पर स्थित बाबा केदार के दर्शन — गौरीकुंड से पैदल, घोड़ा-पालकी से या हेलीकॉप्टर से।
- बद्रीनाथ धाम यात्रा: अलकनंदा तट पर भगवान बद्री विशाल के दर्शन, तप्त कुंड स्नान और पास के माणा गाँव की यात्रा।
- दो धाम यात्रा: केदारनाथ और बद्रीनाथ, उन परिवारों के लिए जिनके पास समय कम है।
- पंच केदार यात्रा: केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर — शिव भक्तों के लिए गहरी साधना वाली यात्रा।
- आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा: पिथौरागढ़ ज़िले के सीमांत क्षेत्र की यात्रा, जिसके लिए इनर लाइन परमिट ज़रूरी होता है।
- कैलाश मानसरोवर यात्रा: तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा, जिसके लिए वैध पासपोर्ट अनिवार्य है।
- काशी यात्रा और ऑनलाइन पूजा: काशी विश्वनाथ के दर्शन, और जो यात्रा नहीं कर सकते उनके लिए उनके नाम और गोत्र से संकल्प कराकर पूजा।
कब जाएँ: यात्रा का मौसम
उत्तराखंड के चारों धाम सर्दियों में बर्फ़ के कारण बंद रहते हैं। 2026 में गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल, केदारनाथ के 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के 23 अप्रैल को खुले थे। समापन की घोषित तिथियों के अनुसार गंगोत्री के कपाट 10 नवंबर, केदारनाथ और यमुनोत्री के 11 नवंबर (भैया दूज) और बद्रीनाथ के 16 नवंबर 2026 को बंद होंगे।
मई–जून में भीड़ सबसे ज़्यादा रहती है, जुलाई–अगस्त में मानसून के कारण भूस्खलन और रास्ते बंद होने का ख़तरा रहता है, और सितंबर–अक्टूबर में आसमान साफ़ और भीड़ कुछ कम रहती है। आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर का मौसम अलग होता है, उसकी जानकारी संबंधित पृष्ठों पर है।
हम क्या व्यवस्था करते हैं
- चार धाम के लिए सरकारी रजिस्ट्रेशन में मदद, और आदि कैलाश के लिए परमिट की प्रक्रिया में मार्गदर्शन।
- पहाड़ी रास्तों पर अनुभवी चालक के साथ वाहन।
- रास्ते में साफ़-सुथरा ठहराव और सात्विक भोजन की व्यवस्था।
- हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए सही समय पर बुकिंग की सलाह और साथ।
- पूजा, अभिषेक या संकल्प के लिए पहले से तैयारी।
- यात्रा के दौरान मौसम या सड़क की समस्या आने पर योजना में तुरंत बदलाव।
बुज़ुर्गों और परिवारों के लिए
हमारे अधिकांश यात्री माता-पिता को धाम के दर्शन कराने का संकल्प लेकर आते हैं। ऐसे परिवारों के लिए हम रोज़ की दूरी कम रखते हैं, ऊँचाई पर पहुँचने से पहले शरीर को ढलने का समय देते हैं, और जहाँ ज़रूरत हो वहाँ पालकी, पिट्ठू या हेलीकॉप्टर का विकल्प सुझाते हैं। यात्रा से पहले डॉक्टर से जाँच ज़रूर करवाएँ — ख़ासकर अगर उम्र 55 वर्ष से अधिक है या हृदय, साँस, शुगर या रक्तचाप की कोई तकलीफ़ है।
हमारे यात्रा पैकेज
नीचे हमारी सबसे ज़्यादा पूछी जाने वाली यात्राएँ हैं। हर पैकेज में रूट, दिन और शामिल सुविधाओं का पूरा ब्योरा दिया गया है।
- 3N / 4D
Kedarnath Yatra
Dehradun → Rishikesh → Devprayag → Rudraprayag → Guptkashi → Sonprayag → Gaurikund → Ked…
- Darshan at Kedarnath, the highest of the 12 Jyotirlingas
- Evening aarti and early-morning darshan at the Dham
- Start and end in Dehradun, with a night halt at Guptkashi
Price on request
- 10N / 11D
Char Dham Yatra from Haridwar
Haridwar → Mussoorie → Barkot → Janki Chatti → Yamunotri → Barkot → Uttarkashi → Gangotr…
- All four dhams by road, starting and ending in Haridwar
- A night stay at Kedarnath and at Badrinath for calm darshan
- Help with compulsory Uttarakhand yatra registration
- 7N / 8D
Adi Kailash & Om Parvat Yatra from Kathgodam
Kathgodam → Pithoragarh → Dharchula → Gunji → Jolingkong (Adi Kailash, Parvati Kund) → G…
- Darshan of Adi Kailash and the Shiv-Parvati temple at Parvati Kund, Jolingkong
- Om Parvat viewed from Nabidhang in the Kalapani valley
- Inner Line Permit and medical formalities handled with you at Dharchula
- 10N / 11D
Kailash Mansarovar Yatra by Helicopter from Lucknow
Lucknow → Nepalgunj → Simikot → Hilsa → Purang (Taklakot) → Lake Mansarovar → Darchen →…
- Helicopter route via Simikot and Hilsa, the shortest way to Kailash from India
- Mansarovar puja and full bus circuit of the holy lake
- Three-day Kailash parikrama over Dolma La, with an option to wait at Darchen
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यात्रा टू टेम्पल्स कौन-कौन सी यात्राएँ कराता है?
हम देहरादून से चार धाम, केदारनाथ, बद्रीनाथ, दो धाम, पंच केदार, आदि कैलाश–ॐ पर्वत, कैलाश मानसरोवर और काशी की धार्मिक यात्राएँ आयोजित करते हैं। जो श्रद्धालु यात्रा नहीं कर सकते, उनके लिए ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था भी है।
चार धाम यात्रा 2027 कब शुरू होगी?
2027 की तिथियाँ अभी घोषित नहीं हुई हैं। परंपरा के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं, केदारनाथ की तिथि महाशिवरात्रि पर और बद्रीनाथ की तिथि बसंत पंचमी पर घोषित होती है। घोषणा होते ही हम यहाँ जानकारी जोड़ देंगे।
क्या चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
हाँ। उत्तराखंड सरकार के पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in या टूरिस्ट केयर उत्तराखंड ऐप पर हर यात्री का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। हमारे साथ यात्रा करने वाले परिवारों को हम यह प्रक्रिया पूरी करने में मदद करते हैं।
क्या बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ यात्रा की जा सकती है?
हाँ, हमारे ज़्यादातर यात्री परिवार ही होते हैं। हम आराम वाली गति रखते हैं और ज़रूरत के अनुसार पालकी, पिट्ठू या हेलीकॉप्टर का विकल्प सुझाते हैं। यात्रा से पहले डॉक्टर से स्वास्थ्य जाँच करवाना ज़रूरी समझें।
आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर यात्रा में क्या अंतर है?
आदि कैलाश और ॐ पर्वत भारत में, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में हैं और इनके लिए इनर लाइन परमिट लगता है। कैलाश मानसरोवर तिब्बत में है, इसलिए वहाँ जाने के लिए वैध पासपोर्ट और अलग अनुमति प्रक्रिया ज़रूरी होती है।
यात्रा बुक करने के लिए आपसे संपर्क कैसे करें?
इस पृष्ठ के नीचे दिया फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपको कॉल करेगी और आपकी तिथि, यात्रियों की संख्या और ज़रूरतों के हिसाब से यात्रा की योजना बताएगी।
यात्रा की योजना बनाएँ
बताइए आप किस धाम के दर्शन करना चाहते हैं, कब जाना चाहते हैं और साथ में कितने लोग होंगे। नीचे फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपको कॉल करेगी।
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